9. Memory (मेमोरी)
(३) मेमोरी
कंप्यूटर के अंदर, मेमोरी एक अस्थायी कार्यस्थल है, जहाँ कंप्यूटर वर्तमान निर्देशों और सूचनाओं को संग्रहित करके रखता है,
. कंप्यूटर मेमोरी सामानतय: मानव मेमोरी के सामान ही होती है. आमतौर पर, कंप्यूटर मदरबोर्ड पर एक या अधिक मेमोरी
चिप्स होते हैं।
जब आप कोई प्रोग्राम चलाते हैं या कोई डॉक्यूमेंट खोलते हैं, तो ऑपरेटिंग सिस्टम आपकी हार्डड्राइव से संबंधित फाइलों को मेमोरी में लोड करता है.
कंप्यूटर मेमोरी को कई छोटे मेमोरी भागों में बाँटा गया है.
प्रत्येक भाग सेल के नाम से जानते हैं. प्रत्येक सेल का एक यूनिक एड्रेस होता है जो बाइनरी अंक 0 और 1 के संजोजन या मिलकर बना होता है.
मेमोरी के
प्रकार : -
(१) प्राइमरी मेमोरी (२) सेकेंडरी मेमोरी
(३) Registers (४) कैश मेमोरी
(१) प्राइमरी मेमोरी
प्राथमिक मेमोरी कंप्यूटर की मुख्य मेमोरी होती है। यह मेमोरी डेटा के उस हिस्से और निर्देशों को संग्रहित करती है, जिस पर वर्तमान में कंप्यूटर काम कर रहा होता है. लेकिन यह डेटा और निर्देशों को कुछ समय के लिए ही अपने पास रखता है.
प्राइमरी मेमोरी को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया है :-
रैम ( रैंडम एक्सेस मेमोरी )
रोम ( रीड ओनली मेमोरी )
रैम ( रैंडम एक्सेस मेमोरी )
रैम को Read / Write Memory भी कहा जाता है. सूचनाओं को रैम में लिख सकते हैं साथ ही पढ़ भी सकते हैं.
जब हम कंप्यूटर को स्टार्ट करते हैं तो रैम कंप्यूटर से, कुछ फाइलों को स्टोरेज डिवाइस यानि हार्ड ड्राइव से लोड करना शुरू करता हैं और ये फाइलें रैम में तब तक बनी रहती हैं जब तक कंप्यूटर चल रहा होता है क्यूकि यह एक अस्थिर मेमोरी होती है. यह संग्रहीत जानकारी को तब तक अपने पास रखती है, जब तक उसे बिजली की आपूर्ति मिलती रहती है. जब बिजली की आपूर्ति बंद या बाधित होती है, तो रैम में संग्रहीत जानकारी मिट जाती है. इस कारण, हमें सभी सूचनाओं को सेव करके रखना होता है, जिसकी भविष्य में आवश्यकता हो.
सेविंग वैसी प्रक्रिया है जिसमें रैम से डेटा को हार्ड ड्राइव में कॉपी की जाती है.
मेमोरी मॉड्यूल
मेमोरी मॉड्यूल एक सर्किट बोर्ड होती है, जो अपने पास मेमोरी चिप रखता है.
मेमोरी चिप
रैम एक प्रकार की मेमोरी चिप होती है जो कई कंप्यूटर सिस्टम में मुख्य मेमोरी का निर्माण करती है.